सपनों को संकल्प में बदलें युवा, विकसित भारत के बनें सहभागीः राज्यपाल।

जौनपुर
बतादे कि राज्यपाल ने बच्चों को उपहार स्वरूप शिक्षा-सामग्री वितरित की – प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत के पावन अवसर पर प्राइमरी के नन्हे-मनोरथों को स्कूल बैग, फल, ड्राई फ्रूट जामेट्री बॉक्स तथा महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर, देवकली, सुल्तानपुर और जासोपुर,जफरपुर गांवों में आयोजित खेलों के प्रथम तीन विजेताओं को भी राज्यपाल के हाथों विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके बाद 15 स्कूली बच्चे देशभक्ति और लोकगीत 3 बच्चे पर्यावरण और जलबचाव पर गीत सुनाकर लोगों को भावुक कर दिया। जिससे बच्चों के सपनों को उज्जवल प्रोत्साहन मिला।
शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक – जनसंचार विभाग में एम.ए. जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में एमए में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले शुभम गुप्ता को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसी के साथ शुभम गुप्ता को दो स्वर्ण पदक मिले।
83 मेधावियों को 84 स्वर्ण पदक – राज्यपाल श्रीमती पटेल ने 83 छात्र-छात्राओं को उनके प्रथम-स्पर्धा प्रावीण्य के लिए कुल 84 स्वर्ण पदक (31 छात्र एवं 52 छात्राएं) प्रदान किए। विज्ञान संकाय में डॉ.मुकेश कुमार झोपे को डी. एससी की उपाधि प्रदान की गई। स्नातक और परास्नातक स्तरों पर यह सांस्कृतिक और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्सव रहा।
339 शोधार्थियों को पीएच.डी., एक को डीएससी उपाधि – दीक्षांत समारोह में कुल 339 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। कला संकाय में सर्वाधिक 221, इसके बाद शिक्षा 35, विज्ञान 40, कृषि 14 तथा अन्य संकायों में कुल मिलाकर 339 उपाधि दी गई। इसमें पुरुष और महिलाओं का सम्यक योगदान दिखा, जो विश्वविद्यालय की शोध-शक्ति का दर्पण है।
गतिमान पत्रिका का हुआ लोकार्पण – विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में वार्षिक पत्रिका “गतिमान“ का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने पत्रिका का अनावरण किया। पत्रिका में वर्ष भर की महत्वपूर्ण गतिविधियाँ, स्वर्ण पदक विजेताओं के गौरवमय क्षण और प्रतिष्ठित अतिथियों के प्रेरक विचार शामिल हैं। हर पृष्ठ पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ, शोध कार्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शैक्षिक गतिविधियाँ स्पष्ट और रोचक तरीके से प्रस्तुत की गई हैं। विमोचन समारोह में कुलपति, दीक्षांत के मुख्य अतिथि के साथ साथ प्रधान संपादक डॉ. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर और संपादन मंडल के डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ.चंदन सिंह और डॉ. शशिकांत डॉ.लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, पंकज सिंह भी उपस्थित रहे। “गतिमान“ पत्रिका न केवल घटनाओं का संकलन है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रगति और सामूहिक प्रयासों का जीवंत दस्तावेज है जो पाठकों को प्रेरित करता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को राज्यपाल ने किट सौंपे – 500 आंगनबाड़ी किट का वितरण किया गया। इसमें 100 किट वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, 200 आंगनबाड़ी किट जिला प्रशासन जौनपुर और 200 किट जिला प्रशासन गाजीपुर की ओर से दिया गया, जिसके लिए मा0 राज्यपाल ने सराहना की। गोद ली गई ग्रामीण आंगनबाड़ियों तथा अन्य के लिए 67 वस्तुओं के किट (ट्राइसाइकिल, झूला, स्टोरी बुक, व्हाइट बोर्ड, कुर्सी, किडनी सेप टेबल, हार्स राइडिंग आदि) का वितरण कर मा0 राज्यपाल ने बाल विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को महत्वपूर्ण ताकत दी।
इस दौरान जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन., मुख्य विकास अधिकारी ध्र्रुव खाड़िया, मुख्य विकास अधिकारी गाजीपुर आलोक प्रसाद के साथ-साथ विश्वविद्यालय के सीएसआर प्रतिनिधि आनन्द कुमार, उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक वाराणसी मंडल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलाधिपति ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी जौनपुर और मुख्य विकास अधिकारी गाजीपु को एचपीवी टीकाकरण प्रमाण पत्र तथा चुनौतियां मुझे पसंद है पुस्तक भेंट की गई। यह पुस्तक माननीय कुलाधिपति जी के जीवनवृत्त को समेटे हुए अनुपम कृति है।
डीजी लॉकर में डिग्रियाँ हुईं अपलोड – डिजिटल क्रान्ति का जीवंत उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने आईपैड पर बटन दबाकर 2025-26 की स्नातक एवं स्नातकोत्तर की 77463 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड कराया। उपकुलसचिव अजीत सिंह ने प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया। इससे विद्या के प्रमाण डिजिटल, त्वरित और सुरक्षित हुए।




