जयघोषों से गूंज उठा विजयराघवगढ़, श्रीराम कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का अथाह सागर।

संवाददाता: सुमित मलिक
कटनी मध्यप्रदेश
जय श्रीराम के उद्घोष से भक्तिमय हुआ नगर, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने रचा भक्ति का अनुपम इतिहास विजयराघवगढ़ धर्म भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला जब श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई भव्य श्रीराम कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा नगर जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो उठा और वातावरण राममय हो गया संकट मोचन जगन्नाथ धाम आश्रम से प्रारंभ हुई यह विशाल कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों एवं चौराहों से होकर निकली। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर एवं आरती उतारकर भव्य स्वागत किया। नगरवासियों का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं अयोध्या की पावन छटा विजयराघवगढ़ की धरती पर उतर आई हो। कलश यात्रा में श्रीराम कथा के पूज्य कथा व्यास महंत स्वामी सीताराम शरण जू महाराज (सिद्धनधाम लोढ़ा पहाड़) भव्य झांकी में विराजमान रहे। श्रद्धालुओं ने गुरुचरणों में नमन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। महाराज श्री के दर्शन मात्र से भक्त भावविभोर हो उठे और उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में अपार उत्साह दिखाई दिया। हजारों माताओं एवं बहनों ने सिर पर पवित्र कलश धारण कर यात्रा की शोभा को दिव्य स्वरूप प्रदान किया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं की श्रद्धामयी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बैंड बाजों भजन कीर्तन और भगवान श्रीराम के जयकारों के बीच भक्तजन नृत्य करते हुए अपनी भक्ति और आनंद का प्रदर्शन करते रहे। नगर भ्रमण के पश्चात यह कलश यात्रा गौरहा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में पहुंची जहां विधिवत पूजन अर्चन के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथा व्यास महंत स्वामी सीताराम शरण जू महाराज ने अपने श्रीमुख से मंगलाचरण प्रस्तुत कर कथा की अमृतधारा प्रवाहित की जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी हरीश दुबे सहित हजारों श्रद्धालुओं ने कथा व्यास महाराज का पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया। पूरा कथा स्थल श्रद्धा भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से ओतप्रोत दिखाई दिया। श्रीराम कलश यात्रा ने केवल एक धार्मिक आयोजन का स्वरूप नहीं लिया बल्कि यह सनातन संस्कृति सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का भव्य उत्सव बनकर सामने आई। विजयराघवगढ़ की पावन धरती पर उमड़ी श्रद्धा की यह अविरल धारा लंबे समय तक श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और रामनाम की ज्योति प्रज्ज्वलित करती रहेगी। आयोजन कमेटी के अध्यक्ष प्रहलाद तिवारी विजय गुप्ता सुनिल बडगैया महेंद्र दुवे आदी ने इस आयोजन मे अपनी मेहन्त से भव्यता के रंग भरे।




