रामपुर-इमामबाड़ा खासबाग में छुरियों का मातम देखते रोमानिया, चिली, उजबेकिस्तान, एस्टोनिया और आयरलैंड के राजदूत।

संवाददाता: शारिक खान
रामपुर
पांच देशों के राजनयिकों ने इमामबाड़ा खासबाग में देखा छुरियों का मातम नवेद मियां के बुलावे रामपुर आए हैं रोमानिया, चिली, उजबेकिस्तान, एस्टोनिया और आयरलैंड के राजदूत
आज पूरे देश में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत पर मुहर्रम मनाया जा रहा है जनपद रामपुर में दशकों से मोहर्रम को इमामबाड़ा खासबाग में मजलिस के बाद छुरियों और जंजीरों के मातम के गवाह इस बार दुनिया के पांच देशों के राजदूत भी बने। राजनयिक मातम के दौरान खून से लहूलुहान शरीर देखकर हैरान रह गए।
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के बुलावे पर रोमानिया, चिली, उजबेकिस्तान, एस्टोनिया और आयरलैंड के राजदूत कल रामपुर आए थे। सभी राजदूत इमामबाड़ा खासबाग पहुंचकर अजादारी के साक्षी भी बने।
नवेद मियां ने रोमानिया की राजदूत सना लतीफ, चिली गणराज्य के राजदूत जुआन रोलैंडो अंगुलो मोंसाल्वे, उज्बेकिस्तान के राजदूत सरदोर रुस्तम्बायेव, एस्टोनिया की राजदूत सुश्री मार्जे लूप, आयरलैंड के राजदूत केविन केली, स्विट्ज़रलैंड में भारत की पूर्व राजदूत मोनिका मोहता और पूर्व राजनयिक मधुप मोहता को मुसलमानों के लिए पवित्र माह मोहर्रम का इतिहास बताया।
नवेद मियां ने राजनयिकों को बताया कि इमाम हुसैन (रह.) ने दुनिया को सिखाया कि जुल्म और नाइंसाफी का सामना करते हुए भी न्याय के लिए खड़े रहना चाहिए। वो अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। उनकी जिंदगी मुसलमानों को साहसी, ईमानदार और आस्था में दृढ़ रहने के लिए प्रेरित करती है।
पहली बार छुरियों और जंजीरों का मातम देख रहे राजनयिक अपने मोबाइल में इस मंजर का वीडियो बनाते नजर आए। उन्होंने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण व यादगार घटनाक्रम करार दिया।
इस मौके पर पूर्व मंत्री नवेद मियां, पूर्व सांसद बेगम नूरबानो, मुतवल्ली औकाफ नवाबजादा हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां, बेगम यासीन अली खां उर्फ शाहबानो, पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां, सुहेल मियां, शबाब हुसैन भी मौजूद रहे।




