आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डा0 कमल के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के द्वितीय दिवस का योग शिविर लोहिया पार्क में पूर्णतः महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करनें के लिए आयोजित किया गया।

संवाददाता: निलेश पटेल
जौनपुर
शासन के मंशानुरूप जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. के दिशा निर्देशन में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी डा0 कमल के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह के द्वितीय दिवस का योग शिविर लोहिया पार्क में पूर्णतः महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करनें के लिए आयोजित किया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं युनानी अधिकारी के द्वारा बताया गया कि परिवार के स्वास्थ्य की देखरेख महिलाओं के माध्यम से बहुत ही सुगमता पूर्वक किया जा सकता है यदि महिलाएं अपनें रसोई घर में पौष्टिक और सुपाच्य भोजन को पकाना शुरू कर दें तो अधिकांश मनोदैहिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान स्वतः होना शुरू हो जाता है।
पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति और मुख्य योग शिक्षक अरविंद कुमार के द्वारा योगाभ्यास कराते हुए बताया गया कि महिलाएं किसी भी राष्ट्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करनें की सशक्त माध्यम होती हैं इसलिए इनके द्वारा पूरे परिवार में योगाभ्यास का एक बेहतर माहौल बनाया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं के लिए योगाभ्यास के लिए कुछ निषेध भी है, ऐसी महिलाओं के लिए किसी भी प्रकार के कठिन आसन और व्यायामों को करने के लिए रोका जाता है। अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों को ही गर्भवती महिलाओं को करना चाहिए और साथ ही साथ ध्यान का अधिकतम अभ्यास करना चाहिए। प्राणायामों की श्रृंखला के अंतर्गत भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों का नियमित और निरन्तर अभ्यासों से नर्वस सिस्टम को मजबूत किया जा सकता है। अनिद्रा, बेचैनी, बी0पी0 और हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं के समाधान में भी भ्रामरी और उद्गगीथ प्राणायामों का अभ्यास बेहद लाभकारी होता है। ऐसी समस्याओं में व्यक्ति को कुशल योग शिक्षक के सानिध्य में ही रहकर योगाभ्यास करने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त नियमित रूप से चिकित्सक के माध्यम से स्वास्थ्य से संबंधित जो भी पैरामीटर्स हों उसके प्रति सदैव सचेत रहना चाहिए।




