लाख के कथित फर्जी भुगतान का आरोप, शिकायत के आधार पर उठे सवाल—जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर।

संवाददाता: जिला ब्यूरो सुमित मलिक
कटनी/मध्यप्रदेश
केवलारी ग्राम पंचायत में करीब ₹500000लाख के कथित फर्जी बिलों के जरिए पंचायत निधि से भुगतान किए जाने को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता अनिकेत शुक्ला ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को आवेदन देकर मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
शिकायत में भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन पांडे से जुड़ी फर्म के नाम पर सामग्री खरीदी एवं अन्य कार्यों के बिल लगाकर पंचायत खाते से भुगतान किए जाने का दावा किया गया है। साथ ही फर्म के वास्तविक अस्तित्व, बिलों की वैधता और सामग्री की आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
जांच में इन बिंदुओं पर हो सकता है फैसला
शिकायतकर्ता ने पंचायत के बिल-वाउचर, कैशबुक, बैंक भुगतान रिकॉर्ड, फर्म के GST पंजीयन, दरों के मिलान तथा मौके पर सामग्री की वास्तविक आपूर्ति का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। इन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान नियमानुसार हुआ था या वित्तीय अनियमितता हुई।
आरोप गंभीर, लेकिन निष्कर्ष जांच के बाद
मामले में आरोप गंभीर हैं, लेकिन केवल शिकायत के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई और शासकीय राशि की वसूली का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं यदि आरोप तथ्यहीन पाए जाते हैं तो संबंधित पक्ष को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल पूरा मामला जांच के नतीजे पर टिका है और प्रशासन की कार्रवाई से ही वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।




