उमरी शादीपुर में पेयजल संकट, ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप ।

संवाददाता: आलोक सिंह
सीतापुर
जनपद सीतापुर के विकासखंड परसेंडी की ग्राम पंचायत उमरी शादीपुर में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में लगे कई सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार चक गांव के पंडित टोला में लगा हैंडपंप बीडीसी द्वारा बनवाया गया था, जबकि ग्राम प्रधान की ओर से कोई व्यवस्था नहीं कराई गई। वहीं ब्रज कुमार के दरवाजे पर लगे हैंडपंप की चैन करीब तीन महीने से टूटी पड़ी है, जिसके कारण पानी निकालने में दिक्कत होती है और पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं निकल पाता।
इसके अलावा गांव के बाहर हरदेव बाबा स्थल पर लगा सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस हैंडपंप से आसपास के लोगों और राहगीरों को पानी की सुविधा मिलती थी, लेकिन लंबे समय से खराब होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण ब्रज कुमार ने बताया कि हैंडपंप के नाम पर पूरा भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन पुराना हैंडपंप ही लगवा दिया गया। साथ ही हैंडपंप के पास प्लेटफॉर्म (चौकी) का निर्माण भी नहीं कराया गया। इससे आसपास गंदगी फैलती है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नाली निर्माण समेत कई कार्यों में सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भ्रष्टाचार उजागर हो सके और दोषियों पर कार्रवाई हो।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा गांव के विकास कार्यों की तह से जांच कराई जाए तो कई बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं।




