पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के इनामी दो आरोपी गिरफ्तार, मनीष हत्याकांड का खुलासा तेज।

संवाददाता: आशीष सिंह
वाराणसी
थाना फूलपुर क्षेत्र में चर्चित मनीष हत्याकांड के फरार चल रहे दो इनामी आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। थाना फूलपुर एवं एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। उनके कब्जे से अवैध तमंचा व जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं।
बताया जाता है कि 26 अप्रैल 2026 को ग्राम घमहापुर में एक अनियंत्रित कार द्वारा महिला को टक्कर मारने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में थाना फूलपुर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की निगरानी पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू कादयान एवं अपर पुलिस उपायुक्त नृपेन्द्र द्वारा की जा रही थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही चार मुख्य आरोपियों—मनोज प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, योगेन्द्र प्रजापति और अभिषेक उर्फ बुद्धू—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके अलावा 3 मई 2026 को फरार आरोपियों को शरण देने वाले पांच अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया।
फरार चल रहे मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। पहले इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया।
4 मई 2026 को चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम कठिराव खरका स्थित एक बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास जर्जर मकान में छिपे संदिग्धों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष राजभर और मनीष राजभर, निवासी ग्राम घमहापुर, थाना फूलपुर, जनपद वाराणसी के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
बरामदगी:
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक-एक अदद .315 बोर का तमंचा और एक-एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है तथा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।




