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भक्त ध्रुव की कथा सुन भावुक हुए श्रोता।

संवाददाता: मनीष राजपूत
औरैया
औरैया जनपद के फफूंद क्षेत्रांतर्गत शिबूपुर धाम में 19 जून दिन शुक्रवार से अध्यात्म का महाकुंभ के चतुर्थ दिवस की कथा में कई कथाओं का श्रवण सुनते हैं इस कथा में भक्त ध्रुव की कथा का वर्णन किया और कई कथाओं का विस्तार किया गया है ध्रुव की उनकी मां को ध्रुव के पिता उत्तानपाद राजा थे। उत्तानपाद की छोटी पत्नी और भक्त ध्रुव की मौसी ने सजा के तौर पर अपनी बड़ी बहन और ध्रुव की माँ सुनीति को एक अलग कमरे में कैद कर दिया था। उन्हें एक दिन में खाने के लिए केवल 1.25 ‘सेर’ अनाज उपलब्ध कराकर राजा उत्तानपाद को अपनी पहली पत्नी सुनीति को प्रताड़ित किया तथा भक्त ध्रुव को इतना प्रताणित किया अंत में भक्त ध्रुव जंगल में अपने करता धरता को पाने के लिए निकल गए और जब तक ईश्वर की प्राप्ति नहीं हुई तब तक वापस नहीं लौटे ।



