जनपद न्यायालय अमरोहा में उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस।

संवाददाता : डॉ प्रथम सिंह
अमरोहा,
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद न्यायालय अमरोहा परिसर में भव्य योग शिविर एवं सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर योग के प्रति अपनी आस्था एवं प्रतिबद्धता व्यक्त की। पूरे परिसर में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक शांति और तनावमुक्त जीवन के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमलता, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाकिर हसन तथा प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय मधुलिका चौधरी सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने योग के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जिसे आज पूरी दुनिया ने अपनाया है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक प्रभावी जीवन पद्धति है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, चिंता और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आत्मिक रूप से संतुलित बनाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योगाभ्यास के उपरांत सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ भारत, स्वस्थ समाज और स्वस्थ जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन ने जनपद न्यायालय अमरोहा में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ एकता, अनुशासन और सकारात्मक सोच का भी संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, जनकल्याण और स्वस्थ जीवन की कामना के साथ किया गया।




