मण्डी में गेहूं खरीद केंद्रों पर भ्रष्टाचार का आरोप, किसान यूनियन ने चेतावनी दी।

संवाददाता: राजेश कुमार
शाहजहांपुर
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक टिकैत गुट) ने बण्डा ब्लॉक की मंडी में गेहूं क्रय केंद्रों पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन को कड़ा पत्र लिखा है। यूनियन का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन छेड़ना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सरकार के 1 अप्रैल 2026 से गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के आदेश के बावजूद, 6 अप्रैल तक बण्डा मंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। केंद्र संचालक किसानों को बहाना बनाकर ‘वारदाना उपलब्ध न होने’ का हवाला दे रहे हैं, जिससे हताश किसान खाली हाथ लौट रहे हैं। मजबूरी में वे निजी व्यापारियों को 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर गेहूं बेचने को विवश हैं।
यूनियन के मुताबिक, बाद में ये ही बिचौलिए कमीशन लेकर उसी सरकारी केंद्र पर गेहूं तौलवा लेंगे, जो किसानों के साथ दुहरी मार है।
इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्ष रंजीत सिंह उर्फ रानू ने पत्र जारी किया। इसमें गगन दीप सिंह, गगनदीप सिंह, परमजीत सिंह आदि नेता मौजूद रहे।




