जामा मस्जिद के सामने आयोजित एक अज़ीम-उश-शान दीनी जलसे में मशहूर मुकर्रर डॉक्टर आसिफ रजा साहब सैफी ने अपने मखसूस और दिलनशीं अंदाज़ में खिताब किया।

संवाददाता: जिब्राइल अंसारी
सिंगोड़ी/मध्यप्रदेश
जामा मस्जिद के शामने बड़े बार-बार गुजारिश से बार-बार रिक्वेस्ट करने से बड़ी मुश्किल से अल्प समय के लिये जलवा अफरोज हुये बाद नवाजे ईशा के रात,10,बजे प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश से तसरीफ लाये डॉक्टर आसिफ रजा सैफी की रूहानी तकरीर, मे उमड़ा अवाम का सैलाब
जामा मस्जिद के सामने आयोजित एक अज़ीम-उश-शान दीनी जलसे में मशहूर मुकर्रर डॉक्टर आसिफ रजा साहब सैफी ने अपने मखसूस और दिलनशीं अंदाज़ में खिताब किया। इस रूहानी तकरीर को सुनने के लिए सिंगोड़ी,छिंदवाड़ा, अमरवाड़ा,परासिया, जमाई, छिंदी,और आसपास के इलाकों से बड़ी तादाद में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा मोहब्बत और सादगी का पैगाम डॉक्टर आसिफ रजा सैफी ने अपनी तकरीर के दौरान निहायत ही सादगी और मोहब्बत के साथ दीन की बातों को अवाम के सामने रखा। उनके बयान करने का अंदाज़ इतना दिलकश था कि वहां मौजूद हर शख्स मुतासिर नज़र आया। उन्होंने अपने खिताब में इंसानियत,मोहब्बत इख्लाक और आपसी भाईचारे पर ज़ोर देते हुये लोगों को नेकी की राह पर चलने की हिदायत दी और और सभी लोग नमाज के पाबंद हो जाएं और बेसहारों की मदद करें, हजरत के बयान सभी लोगों ने बड़े ही सुकून के साथ सुना,जलसे की खास बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद होने के बावजूद, माहौल बेहद पुरसुकून और मोहब्बत (अनुशासन) वाला रहा। लोगों ने घंटों तक रुककर डॉक्टर साहब की तकरीर को बेहद तवज्जो और मोहब्बत के साथ सुना: जामा मस्जिद के सामने,डॉक्टर आसिफ रजा साहब सैफी साहब का
अंदाज़: सादगीपूर्ण और रूहानी रहा, हज़ारों की संख्या में मुकामी और बाहरी लोग। इस प्रोग्राम में जलवा अफरोज हुये, जामा मस्जिद के पैस इमाम जमशेद आलम साहब, हाफिज इदरीस वारसी साहब, असद अजमेरी साहब, और बड़ी संख्या में उलेमा तशरीफ़ फरमा हुये
इस प्रोग्राम की कामयाबी पर मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों ने खुशी ज़ाहिर की है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयानात से समाज में मोहब्बत और दीनी बेदारी (जागरूकता) पैदा होती है।, सभी लोगों ने डॉक्टर आसिफ रजा सैफी साहब से समाज के जागरूक लोगों ने बहुत ही रिक्वेस्ट की तब उन्होंने सिंगोडी जा मा मस्जिद में तशरीफ़ फरमा हुये बड़े ही प्यारे अंदाज में तकरीर किया, और सभी लोगों ने सुना,बाद सलाम फातिहा तवर रुक तकसीम किया गया और सभी लोगों ने हजरत से बारी बारी से मिले और और सभी लोगों को दुआएं दी,



