मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर के डॉक्टरों ने एडवांस्ड कोलन कैंसर से पीड़ित 86 साल के मरीज़ का सफल इलाज किया।

- संवाददाता : अनुप चतुर्वेदी
- जबलपुर
बुजुर्ग मरीजों के कैंसर इलाज में नई सर्जिकल तकनीक कैसे मदद कर रही है, इसका उदाहरण पेश करते हुए, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नागपुर के डॉक्टरों ने रोबोट-असिस्टेड सर्जरी से स्टेज 2 कोलन कैंसर से पीड़ित 86 साल की महिला का सफल इलाज किया। सर्जरी के बाद, महिला जल्दी ठीक हो गई और सिर्फ़ पाँच दिनों में घर लौट आई।
कोलन कैंसर उम्र बढ़ने के साथ आम होता जा रहा है। लेकिन बुजुर्ग मरीजों का इलाज करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उनकी शारीरिक क्षमता कम होती है और अक्सर उन्हें कई अन्य बीमारियाँ भी होती हैं।
मरीज पिछले एक महीने से पेट दर्द, पेट फूलना, उल्टी और खाने में कठिनाई की शिकायत लेकर मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर आईं। जांच में उनके आंत में लगभग टेनिस बॉल के आकार (6×5.5×4 सेंटीमीटर) का ट्यूमर पाया गया, जिससे आंत ब्लॉक हो गई थी और तुरंत सर्जरी की जरूरत थी।
सर्जरी की योजना एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर टीम के साथ चर्चा के बाद बनाई गई। इसके बाद, डॉ. अभिनव देशपांडे, डायरेक्टर – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक ऑन्कोसर्जरी, मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर ने रोबोट-असिस्टेड कोलन सर्जरी करने का निर्णय लिया।
इस केस पर टिप्पणी करते हुए डॉ. अभिनव देशपांडे ने कहा, “यह केस खासकर चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज बहुत बुज़ुर्ग थीं और उनकी सेहत जटिल थी। उन्हें लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और एट्रियल फिब्रिलेशन की समस्या थी, और पहले दो स्ट्रोक भी आ चुके थे, जिससे उन्हें निगलने और बोलने में दिक्कत कठिनाई होती थी। इस वजह से पारंपरिक ओपन सर्जरी में हृदय या सांस की समस्याओं और ठीक होने में लंबा समय का खतरा बढ़ जाता। हमारा मुख्य लक्ष्य ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालना और शरीर पर सर्जरी का तनाव कम करना था। इसलिए हमने रोबोट-असिस्टेड मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का विकल्प चुना। इससे हम ज्यादा सटीकता से ऑपरेशन कर पाते हैं और मरीज के शरीर पर तनाव कम होता है।”
छह घंटे लंबी यह सर्जरी अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का उपयोग करके की गई, जो छोटे चीरे के माध्यम से ऑपरेशन करने में मदद करती है और डॉक्टर को 3डी में बड़ा और साफ दृश्य देती है। यह मिनिमली इनवेसिव तरीका सर्जरी के दौरान चोट और रक्तस्राव को कम करता है, जो बुजुर्ग और उच्च-जोखिम वाले मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। टीम ने इस दौरान स्टोमा (आंत को बाहर निकालने की जरूरत) की आवश्यकता को भी टाल दिया।
सर्जरी के बाद मरीज जल्दी ठीक होने लगीं। अगले ही दिन वह मदद से बैठने और चलने में सक्षम हुईं। दूसरे दिन से उन्होंने लिक्विड और नरम भोजन लेना शुरू किया। उनकी हालत में लगातार सुधार होने के बाद पांचवें दिन उन्हें स्थिर स्थिति में घर भेज दिया गया।
डॉ. देशपांडे ने आगे कहा, “कैंसर के इलाज में केवल उम्र को रुकावट नहीं मानना चाहिए। सही योजना और रोबोटिक- असिस्टेंस जैसी आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीक से बुजुर्ग और जटिल स्वास्थ्य वाले मरीज भी सुरक्षित सर्जरी करवा सकते हैं। रोबोटिक सिस्टम सटीक ऑपरेशन और कम शारीरिक तनाव देता है, जिससे रिकवरी तेज़ होती है। यह केस दिखाता है कि मरीजों को सिर्फ उम्र के कारण इलाज से मना नहीं करना चाहिए।”
पारंपरिक ओपन कोलन सर्जरी में बुजुर्ग मरीजों को लंबे समय तक हॉस्पिटल में रहना पड़ता है और उन्हें इन्फेक्शन, सांस की समस्याओं और देर से ठीक होने का अधिक खतरा रहता है। यह केस दिखाता है कि सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में नई तकनीकें कैसे वरिष्ठ मरीजों के इलाज के विकल्प बदल रही है।
मैक्स हॉस्पिटल, नागपुर में, मल्टीडिसिप्लिनरी टीम और रोबोट- असिस्टेड सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों के साथ जटिल मामलों का इलाज किया जा रहा है। सावधानीपूर्वक मरीजों का चयन, सर्जरी से पहले और बाद की पूरी देखभाल, और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से हॉस्पिटल सुरक्षित और प्रभावी कैंसर इलाज देने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही बुजुर्ग मरीजों की जीवन गुणवत्ता, स्वतंत्रता और सम्मान को बनाए रखने पर भी ध्यान देता है।
मैक्स हेल्थकेयर के बारे में:
मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड (मैक्स हेल्थकेयर) भारत की सबसे बड़ी हेल्थकेयर संस्थाओं में से एक है। यह संस्था उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं और आधुनिक तकनीक व अनुसंधान के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मैक्स हेल्थकेयर उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर कार्यरत है और 20 स्वास्थ्य सेवा केंद्र (5200 बेड्स) संचालित करता है। इसमें कंपनी और उसकी सहायक कंपनियां, साझेदारी वाले स्वास्थ्य केंद्र और प्रबंधित स्वास्थ्य सेवा केंद्र शामिल हैं। इसके नेटवर्क में दिल्ली-एनसीआर के साकेत (3 हॉस्पिटल), पटपड़गंज, वैशाली, राजेंद्र प्लेस, द्वारका, नोएडा और शालीमार बाग में अत्याधुनिक हॉस्पिटल हैं। इसके अलावा लखनऊ, मुंबई, नागपुर, मोहाली, बठिंडा, देहरादून में एक-एक हॉस्पिटल स्थित है। इसके अलावा गुरुग्राम और बुलंदशहर में सेकेंडरी केयर सेंटर और नोएडा, लाजपत नगर (2 सेंटर), पंचशील पार्क (दिल्ली-एनसीआर) और मोहाली (पंजाब) में मेडिकल सेंटर संचालित हैं। मोहाली और बठिंडा के हॉस्पिटल पंजाब सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत संचालित किए जाते हैं।
इसके अलावा, मैक्स हेल्थकेयर “मैक्स@होम” और “मैक्स लैब्स” ब्रांड नाम के तहत होमकेयर और पैथोलॉजी सेवाएं भी प्रदान करता है। “मैक्स@होम” घर पर ही स्वास्थ्य और फिटनेस सेवाएं देता है, जबकि “मैक्स लैब” हॉस्पिटल के बाहर भी डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करता है।




