रामपुर विकास खंड के परमालपुर में गरजा बुलडोजर, अवैध कब्जा हटाया, लाखों की बाउंड्रीवाल व निर्माण ध्वस्त।

संवाददाता: निलेश पटेल/दीपक शुक्ला
रामपुर /जौनपुर
बतादे कि मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के विकासखंड रामपुर अंतर्गत परमालपुर गांव में सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ मंगलवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। तहसीलदार रवि रंजन कश्यप के नेतृत्व में राजस्व टीम, पुलिस बल और जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण और लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन के अनुसार परमालपुर गांव में सड़क की सरकारी भूमि पर मनोज सिंह, रामबाबू एवं श्याम बाबू द्वारा पक्का निर्माण कर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के बाद तहसीलदार रवि रंजन कश्यप, राजस्व निरीक्षक राजेश सिंह, लेखपाल प्रमोद श्रीवास्तव एवं अन्य राजस्व अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कब्जाधारकों को तत्काल अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी।
सोमवार को प्रशासन की ओर से मुनादी कराकर कब्जाधारकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद किसी ने भी आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद मंगलवार दोपहर तहसील प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस बल एवं बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी।
जेसीबी मशीन ने देखते ही देखते लगभग 100 फीट लंबी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा सार्वजनिक भूमि पर बने अन्य अवैध निर्माणों को भी गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
तहसीलदार रवि रंजन कश्यप ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी रहेगा तथा सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र में हाल के समय की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई का स्वागत करते हुए प्रशासन से भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रखने की मांग की।




