कटनी में ट्रैफिक के नाम पर ‘वसूली का खेल’! झिझरी जेल के पास सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ट्रक चालकों से अवैध वसूली।

संवाददाता: जिला ब्यूरो सुमित मलिक
कटनी /मध्यप्रदेश
ट्रैफिक के नाम पर ‘वसूली का खेल’! झिझरी जेल के पास सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ट्रक चालकों से अवैध वसूली के आरोप जल ऐसे ही हर अड्डे पर खड़े रहते हैं बेड वसूली के दौरान और हर बार के बाद नए वीडियो में नए-नए नाम बताए जाते हैं चेहरा एक लेकिन न माने यह ठगी चल रही है जिला कटनी में इसमें शासन प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं आम पब्लिक को ऐसा लगता जा रहा है यह प्राइवेट बंदे आकर हमेशा ऐसा ही वसूली करते हैं प्रशासन को बोलने में भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा अब किसे बोल
प्राइवेट कर्मचारियों से ट्रकों की रोक-टोक कर वसूली कराने का दावा, महीनों से जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप. यह जो कटनी जेल के पीछे जो अवैध वसूली करते हैं और गिरी यादव उर्फ रामगोपाल यादव ऐसे हर बार के वीडियो में यह नया नाम इस्तेमाल करते हैं इंसान तो एक है लेकिन उनके नाम अनेक है मैं प्रशासन से बोलना चाहती हूं कि इसके ऊपर कोई भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है जिला कटनी में ऐसा भ्रष्ट कब तक चलेगा फिर भी प्रशासन शांत है
कटनी | संवाददाता
कटनी के झिझरी जेल के पास ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला लगातार चर्चा में है। ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक प्राइवेट कर्मचारियों को सड़क पर खड़ा कर भारी वाहनों को रोका जाता है और उनसे कथित रूप से वसूली की जाती है।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह सिलसिला पिछले करीब छह महीनों से लगातार जारी है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
आरोप है कि ट्रकों को रोककर उनसे कथित रूप से राशि ली जाती है और पूरी प्रक्रिया प्राइवेट कर्मचारियों के माध्यम से कराई जाती है। ट्रक चालकों का कहना है कि इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि ये आरोप सही हैं, तो आखिर ट्रैफिक व्यवस्था में प्राइवेट कर्मचारियों की भूमिका क्या है? और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
वाहन चालकों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस तरह की कथित अवैध वसूली पर रोक लग सके।




