आयुष्मान कार्ड से लूट का खुलासा, बच्ची की मौत बना तमाशा आयुष्मान कार्ड से इलाज में कथित धांधली का खुलासा, अब सवाल ये उठता है कि इलाज हो रहा है या खेल ।

संवाददाता : अर्जुन गुप्ता
कुशीनगर
बच्ची की मौत के बाद भी चलता रहा आयुष्मान का रिकॉर्डकुशीनगर जिले के एक परिवार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में गंभीर अनियमितता और लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला तब चर्चा में आया जब एक 14 वर्षीय बच्ची की ऑपरेशन के दौरान मौत हो जाने के बावजूद उसके पिता के मोबाइल पर पीड़िता के स्वस्थ होकर घर पहुंचने का संदेश प्राप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार विकास खंड के एक गांव निवासी जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी राजनंदनी को इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार बच्ची को 23 मई को अस्पताल में भर्ती किया गया और 24 मई की रात ऑपरेशन के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीड़ित पिता का आरोप है कि ऑपरेशन के कई घंटे बाद तक अस्पताल प्रशासन उन्हें बच्ची की वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराता रहा। जब उन्होंने स्वयं जानकारी लेने का प्रयास किया, तब उन्हें अपनी बेटी के निधन की सूचना मिली। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब 27 मई को पीड़ित के मोबाइल पर पीएम-जेएवाई (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) की ओर से संदेश आया कि उनकी बेटी उपचार के बाद सकुशल घर पहुंच गई है और उन्हें सफल इलाज के लिए बधाई दी गई है। जबकि परिवार का दावा है कि बच्ची की मृत्यु ऑपरेशन के दौरान ही हो चुकी थी और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था।
इस विरोधाभासी संदेश ने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किए जा रहे इलाज और अस्पतालों द्वारा दर्ज किए जाने वाले रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।




