लखनादौन के बीबी पंचायत में घटिया निर्माण कार्य पर मौन क्यों है प्रशासन।

संवाददाता: सौरभ नागोत्रा
सिवनी
बता दे कि लगातार खबर प्रकाशन के बाद भी इंजीनियर एवं झोलाछाप ठेकेदार एवं सचिव पर मेहरबान क्यों है अधिकारी लखनादौन: सिवनी जिले के लखनादौन जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बीबी में किया गया गुणवत्ताविहीन घटिया सीसी रोड निर्माण कार्य जो को निर्माण कार्य शमशान घाट में किया गया है जैसा कि निर्माण कार्य के दौरान नियमानुसार सम्बन्धित इंजीनियर की उपस्थिति अनिवार्य होती है परंतु इंजीनियर एवं सचिव की अनुपस्थिति यह साफ दर्शाती है कि ठेकेदार को विभाग जा खुला संरक्षण प्राप्त है ठेकेदार ने निर्माण जारी में कर दिया लीपापोती जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान,अधिक रुपया बचाने के लालच में ठेकदार द्वारा कर दिया गया घटिया निर्माण कार्य खबरों के बार बार प्रकाशन के बाद भी जिम्मेदारौ के कानों में जूं तक नही रेंग रही है आखिर ऐसी क्या मजबूरी हैं कि जिला प्रशासन भी भ्रष्ट ठेकेदार के आगे नतमस्तक नजर आ रहा है
नियमों की धज्जियां उड़ाकर घटिया मटेरियल से झोलाछाप ठेकेदार ने किया घटिया निर्माण कार्य
हम आपको बता दे कि ग्रामीण अंचलों की पंचायतों के विकास कार्यों को लेकर सरकार द्वारा अनेकों योजनाओं से पंचायत में कार्य उपलब्ध कराती है परंतु ग्राम पंचायत बीबी में भ्रष्ट ठेकेदार के द्वारा अपनी दबंगई से पंचायत एजेंसी सचिव,इंजीनियर से सांठगांव कर घटिया मटेरियल का उपयोग कर गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य को अंजाम दिया गया है।
बाइब्रेटर का अभाव, काली डस्ट’ का उपयोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
आपको बता दें कि निर्माण कार्यों में शासन के मानक मापदंडों के अनुसार ही मटेरियल का उपयोग किया जाना चाहिए परंतु बीबी पंचायत में झोलाछाप ठेकेदार के द्वारा सीसी रोड निर्माण कार्य में मानक रेत को झकोना बनाकर पत्थर से बनने वाली काली का धड़ल्ले से उपयोग कर घटिया मसाला बनकर गुणवत्ताविहीन रोड निर्माण किया गया है, नियमानुसार निर्माण कार्यों में कंक्रीट की मजबूती के लिए वाइब्रेटर का उपयोग अनिवार्य होता है परंतु लालची ठेकदार द्वारा वाइब्रेटर का उपयोग नहीं किया जिस वजह से रोड कम समय में भी ध्वस्त हो जाएगी ठेकेदार द्वारा रोड की मोटाई प्रशासनिक दृष्टिकोण से मानक अनुरूप नजर आए या यूं कहे को मोटाई छिपाने के लिए साइड प्लेट को भी गड्ढा खोदकर लगाया गया है।
बार बार मीडिया के माध्यम से ध्यानाकर्षण कराए जाने के बाद भी जनपद स्तर के अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है जिस वजह से निगाहें जिला कलेक्टर की ओर टिकी है क्या जिला प्रशासन इस भ्रष्ट ठेकेदार ओर गैर जिम्मेदार सचिव– इंजीनियर पर नकेल कसेगा या फिर सरकारी धन का इसी तरह बंदरबांट होते रहेगा क्या ?



