जिलाधिकारी ने अभ्युदय कोचिंग सेंटर पहुंचकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से किया संवाद।

संवाददाता: शारिक खान
रामपुर
मेन्स परीक्षा में उत्तर लेखन की बेहतर रणनीति, सी-सैट एवं विषयवार तैयारी को लेकर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
जिलाधिकारी श्री अजय कुमार द्विवेदी ने रामपुर शहर स्थित राजकीय रजा इंटर कॉलेज में संचालित अभ्युदय कोचिंग सेंटर का निरीक्षण कर वहां नीट, जेईई एवं सिविल सर्विसेज सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन की रणनीति, कक्षा संचालन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने सिविल सर्विसेज (यूपीएससी/यूपीपीसीएस) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से विशेष रूप से मेन्स परीक्षा की तैयारी के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा में केवल विषय का ज्ञान होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्धारित समय में प्रश्न को समझकर तथ्यों, तर्क एवं उदाहरणों के साथ प्रभावी और सुव्यवस्थित उत्तर लिखना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से उत्तर लेखन का अभ्यास करने तथा विशेषज्ञों से उत्तरों का मूल्यांकन कराकर कमियों में सुधार करने की सलाह दी।
उन्होंने सी-सैट की तैयारी के संबंध में भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि अभ्यर्थी नियमित अभ्यास के माध्यम से अपनी गति और सटीकता में सुधार करें। समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए प्रश्नों को निर्धारित समय में हल करने की आदत विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों को पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन करने, मॉक टेस्ट देने तथा अपनी तैयारी का नियमित मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित किया।
नीट एवं जेईई की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने उनकी विषयवार तैयारी, अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज तथा कठिन विषयों को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतरता, अनुशासन और नियमित पुनरावृत्ति बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दैनिक अध्ययन का लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुसार तैयारी करने की सलाह दी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। विद्यार्थियों को उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से भी अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों की व्यक्तिगत कठिनाइयों को समझते हुए विषयवार मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं तथा नियमित टेस्ट एवं मूल्यांकन के माध्यम से उनकी प्रगति पर नजर रखें।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन, उत्तर लेखन, परीक्षा के दबाव तथा अध्ययन की प्रभावी रणनीति से संबंधित प्रश्न पूछे। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। सही दिशा में निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ की गई तैयारी निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहकर नियमित अध्ययन करने का आह्वान किया




