बद्रीखेड़ा पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप, कागजों में हैंडपंप मरम्मत और जमीन पर सूखे नल, ग्रामीणों ने उठाए सवाल।

संवाददाता: आलोक सिंह
सीतापुर
जनपद सीतापुर के विकासखंड खैराबाद की ग्राम पंचायत बद्रीखेड़ा में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग तथा विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के नाम पर लगातार सरकारी धनराशि खर्च दिखाई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई सरकारी नल लंबे समय से खराब पड़े हैं।
ग्रामीणों के अनुसार बद्रीखेड़ा गांव में पप्पू के दरवाजे पर लगा सरकारी हैंडपंप लगभग एक महीने से खराब पड़ा है, जबकि रफीक के दरवाजे पर लगा हैंडपंप करीब एक वर्ष से खराब है। वहीं माशूक अली के दरवाजे पर स्थापित सरकारी नल भी लगभग डेढ़ वर्ष से खराब पड़ा हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीणों को अब तक पेयजल समस्या से राहत नहीं मिल सकी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत में हैंडपंपों की मरम्मत, रीबोर, ह्यूम पाइप और अन्य विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन अधिकांश कार्यों का लाभ जनता को नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खराब हैंडपंपों के कारण पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खराब हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कराई गई तो लोगों को पानी के लिए और अधिक परेशानी उठानी पड़ेगी।
फिलहाल, मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।




