खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, मुसियाना ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच बदहाल विकास कार्यों से ग्रामीण परेशान।

संवाददाता: ब्यूरो आलोक सिंह
सीतापुर जनपद के विकासखंड बेहटा की ग्राम पंचायत मुसियाना में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं। उनका कहना है कि शिकायतों और मीडिया में खबर आने के बाद भी जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज भी आधा दर्जन से अधिक सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्राम सरैया में उत्तम के घर के पास लगा हैंडपंप वर्षों से बंद है। आंगनबाड़ी केंद्र का हैंडपंप भी खराब पड़ा है। गांव के बाहर रामप्रताप और देवदत्त के घर के पास लगे हैंडपंप उखड़े हुए हैं। मुसियाना गांव में खेल मैदान के बाहर लगे दोनों हैंडपंप तथा सड़क किनारे लगा हैंडपंप भी खराब होने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मिट्टी डलवाने, स्वच्छता व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर कार्य दिखाई नहीं देता। ग्राम सरैया की कई सड़कों पर आज भी कीचड़ और गंदगी फैली हुई है।
आरआर सेंटर की स्थिति भी बदहाल बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सेंटर का गेट टूटा हुआ है और बाउंड्रीवाल के नाम पर धन खर्च होने के बावजूद मौके पर केवल तार लगाए गए हैं। वहीं सामुदायिक शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं होने से वह उपयोग के लायक नहीं रह गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। उनका कहना है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी न तो मौके पर पहुंचे और न ही किसी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर हैंडपंप मरम्मत, रीबोर, मिट्टी कार्य, स्वच्छता, आरआर सेंटर सहित सभी विकास कार्यों की जांच कराने तथा यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और मौके पर दिखाई देने वाली स्थिति पर आधारित है। संबंधित ग्राम पंचायत एवं अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




