लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन की ट्रैप कार्रवाई पर उठाए सवाल।

संवाददाता: जितेंद्र जायसवाल सपालू
फूलपुर /वाराणसी
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की पिंडरा तहसील इकाई ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ)/एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम द्वारा लेखपालों के विरुद्ध की जा रही ट्रैप कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। संघ ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, रंजिश तथा संबंधित कार्य में लेखपाल की वास्तविक भूमिका और अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण किए बिना ट्रैप कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री को उपजिलाधिकारी पिंडरा के माध्यम से भेजे गए पत्र में तहसील अध्यक्ष राजेश कुमार और तहसील मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और कठिन परिस्थितियों में गांव-गांव जाकर शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण सहित राजस्व कार्यों का निर्वहन करते हैं।
संघ ने कहा कि भूमि विवाद, पैमाइश अथवा अतिक्रमण जैसे मामलों में असंतुष्ट पक्ष द्वारा निजी स्वार्थ या रंजिश के चलते लेखपाल को झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया जाना असामान्य नहीं है। ऐसे में किसी भी ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की निष्पक्षता और संबंधित लेखपाल की भूमिका की गहन जांच आवश्यक है।
पत्र में हाल ही में 20 अगस्त 2026 को अयोध्या जनपद की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्षदीप के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इससे लेखपाल संवर्ग में आक्रोश और चिंता उत्पन्न हुई है। संघ ने उपलब्ध तथ्यों, सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
लेखपाल संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लेखपालों के विरुद्ध ट्रैप कार्रवाई से पूर्व शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, संबंधित कार्य में लेखपाल की भूमिका तथा उसके अधिकार क्षेत्र का पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी निर्दोष कर्मचारी को झूठे मामले में फंसने से बचाया जा सके।




