रामपुर जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग ने कसा शिकंजा जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने 37 पन्नों का विस्तृत कारण बताओ नोटिस जारी किया।

संवाददाता: शारिक खान
रामपुर
रामपुर में जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने 37 पन्नों का विस्तृत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में ट्रस्ट के आयकर पंजीकरण पर सवाल उठाए गए हैं।
पीसीआईटी (सेंट्रल), लखनऊ द्वारा जारी इस नोटिस में ट्रस्ट से वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक की गतिविधियों और पंजीकरण की शर्तों के पालन पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जौहर विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिलहाल इस नोटिस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
नोटिस में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 18 मार्च 2024 के फैसले और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला दिया गया है। विभाग ने बताया कि हाईकोर्ट ने जौहर रिसर्च इंस्टीट्यूट के भूमि लीज मामले में ट्रस्ट को “फैमिली रन ट्रस्ट” करार दिया था। साथ ही, तत्कालीन मंत्री आजम खान पर पद के दुरुपयोग और हितों के टकराव को लेकर गंभीर टिप्पणियां की थीं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को भी नोटिस का आधार बनाया गया है।
आयकर विभाग ने नोटिस में कहा है कि ट्रस्ट को वर्ष 2005 में मिले पंजीकरण और बाद में हुए नवीनीकरण की विभिन्न शर्तों का पालन नहीं किया गया। दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख है कि ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक हित के उद्देश्यों को पूरा न करने, भूमि उपयोग संबंधी शर्तों के उल्लंघन और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप विभिन्न सरकारी रिपोर्टों और न्यायिक आदेशों में सामने आए हैं।
विभाग का मानना है कि प्रथम दृष्टया ट्रस्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 12A, 12AA और 12AB के तहत निर्धारित शर्तों का उल्लंघन किया है। इसी आधार पर ट्रस्ट का पंजीकरण निरस्त करने की कार्यवाही पर विचार किया जा रहा है।
नोटिस के मुताबिक, ट्रस्ट को 23 जून 2026 को सुबह 11:30 बजे व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
नगर विधायक आकाश ने वर्ष 2019 में जौहर यूनिवर्सिटी के कर संबंधी अनियमितताओ को लेकर शिकायते की थी।




