गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर मंडलायुक्त कार्यालय में दोनों महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया।

प्रयागराज
गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर मंडलायुक्त कार्यालय में दोनों महापुरुषों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महात्मा गांधी के जीवन से धैर्य, सहनशीलता, संयम तथा विपरीत परिस्थितियों में शांत रहकर विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सीख आत्मसात करने का संदेश दिया।
उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ा एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब गांधी जी लंदन की यात्रा पर जहाज से जा रहे थे, तब अंग्रेजों द्वारा उनके साथ किए गए दुर्व्यवहार और प्रताड़ना के बावजूद उन्होंने अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने किसी भी उकसावे का गलत प्रतिक्रिया से जवाब देने के बजाय धैर्य और सहनशीलता का परिचय दिया। मंडलायुक्त ने कहा कि गांधी जी का जीवन हमें सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत हों, हमें अपनी प्रतिक्रिया पर नियंत्रण रखते हुए शांत, संयमित और विवेकपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।
इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों को भी स्मरण किया गया। उनके ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को याद करते हुए कहा गया कि शास्त्री जी का जीवन सादगी के साथ कर्तव्य के प्रति पूर्ण समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इन मूल्यों को अपने कार्य एवं जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया गया।




